Home » शायरी » दीपावली पर निबंध | Easay On Dipawali

दीपावली पर निबंध | Easay On Dipawali

Easay On Dipawali In Hindi :- क्या आप दीपावली पर कोई निबंध लिखना चाहते है या फिर आप आपको दीपावली पर निबंध लिखने का assignment मिला है तो आप हमारे इस आर्टिकल को पढ़ सकते है। इस आर्टिकल में हम आपके लिए इस तरह का निबन्ध लेकर आये है जिसे आप किसी भी तरह के निबंध लेखन में प्रयोग कर सकते है। दीपावली पर हमारा यह निबंध नीचे दिया जा रहा है

हिन्दू धर्म में वर्ष भर बहुत से त्यौहार मनाये जाते है, लेकिन इस सभी त्यौहारो में दीपावली का त्यौहार सबसे अलग ही तरीके से मनाया जाता है। दीपावली हिन्दू धर्म का एक पवित्र त्यौहार माना जाता है जो लगातार पांच दिनों तक मनाया जाता है। दीपावली हिन्दू सभ्यता के कैलेंडर के अनुसार कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है और संभवता ये त्यौहार अक्टूवर या नवम्बर के महीने में मनाया जाता है।

इस त्यौहार को मनाने के लिए लोग त्यौहार आने से एक सप्ताह पहले ही अपने घरो को साफ सफाई करते करते है अपने घरो को सजाते है घरो की रंगाई करते है। और इस त्यौहार पर मिठाईयां भी बनाई जाती है।

फिर जब दीपावली का दिन आता है तो शाम को सभी लोग अपने अपने घरो में दीपक, मोमबत्ती जलाते है। लोग अपने घरो को बिजली की झालरों से सजाते है जिससे सारा घर रोशनी से भर जाता है। इस दिन बच्चे और बड़े इस त्यौहार की ख़ुशी में पटाखे, उनी बम, राकेट आदि कई तरह की आतिशबाजी चलाते है।

दीपावली पर निबंध | Easay On Dipawali

 Easay On Dipawali

इस त्यौहार को रौशनी का त्यौहार भी कहते है क्योंकि हम दीपावली पर पाने घर को दीपकों की रोशनी से भर देते है। दीपावली को विदेशों में रहने वाले लोग और हिन्दू धर्म को मानने वाले सभी लोग बहुत हर्षोल्लास के साथ इस त्यौहार को मनाते है। दीपावली त्यौहार प्रकाश की अँधेरे पर जीत का एक प्रतीक है जिसका मतलब होता है कि हमे अपने अन्दर के अज्ञान को ख़त्म करके ज्ञान की ओर बढ़ना चाहिए।

दीपावली के दिन पुरे देश भर में दीपक जलाये जाते है इस त्यौहार को मनाने के लिए लोग अपने काम से छुट्टी लेकर घर आते है और अपने परिवार के साथ इस त्यौहार को मनाते है और अपनी खुशियाँ बाटते है।

दीपवाली का त्यौहार लगातार पांच दिन तक मनाया जाता है। पहला दिन धनतेरस के रूप में मनाया जाता है जो दीपवाली से दो दिन पहले होता है, इस दिन सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। इसके बाद नरक चतुर्दशी आती है जिसे छोटी दीपावली भी कहते है और इसके बाद तीसरा दिन अमावस्या का आता है जिस दिन दीपावली मनाई जाती है.

इस दिन शाम को भगवान गणेश और माँ लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है और उन पर मिठाईओ का प्रसाद चढ़ाया जाता है। इसके बाद चौथा दिन कार्तिक शुल्क प्रतिपदा का होता है इस दिन गोवर्धन पूजा की जाती है और सबसे आखिरी दिन भाई दूज का होता है इस दिन बहन पाने भाई को दूज खिलाती है। आपको बता दे कि ये सभी त्यौहार हिन्दू कैलेंडर के अनुसार ही मनाये जाते है।

दीपावली को किस तरह मनाते है | How to Celebrate Dipawali

दीपावली के दिन शाम को भगवान गणेश और माँ लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है और प्रसाद चढ़ाया जाता है। ऐसा माना जाता है की इस दिन माँ लक्ष्मी सभी के घर पर आती है और लोगो को अपना आशीर्वाद देती है इसलिए घर के दरवाजे बंद नही किये जाते है उनको खोल दिया जाता है।

इस दिन घरो में मिठाईयां भी बनती है सभी लोग मिठाइयाँ खाते है, और एक दुसरे को मिठाई बाटी जाती है। इस दिन सारा परिवार एक साथ होता है और सभी इस त्यौहार को ख़ुशी के साथ मनाते है सभी लोग अपने अपने घरो में दीपक, मोमबत्ती जलाते है और अपने घरो को बिजली की झालरों से सजाते है। इस दिन बच्चे और बड़े इस त्यौहार की ख़ुशी में पटाखे, उनी बम, राकेट आदि कई तरह की आतिशबाजी चलाते है।

दीपावली क्यों मनाई जाती है | Why Celebrate Dipawali

जिस प्रकार हर एक त्यौहार से कोई न कोई धार्मिक कहानी जुडी होती है, इसी प्रकार दीपवाली से भी ऐसी ही कई कहानी जुडी हुई है, लेकिन सबसे ज्यादा प्रसिद्ध कहानी भगवान श्री राम से जुडी हुई है ऐसा बताया जाता है कि इस दिन भगवान श्री राम, लंका के राजा रावण को मारने के बाद अपनी पत्नी सीता और अपने छोटे भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष का बनवास पूरा करके अपने घर अयोध्या वापस आये थे और उनके साथ उनके भक्त श्री हनुमान जी और बाकि वानर सेना भी थी।

जब अयोध्या वासियों को उनके वापस आने के बारे में पता चला तब अयोध्यावासियों ने उनके आने की ख़ुशी में पूरे अयोध्या में दीपक जलाकर उनका स्वागत किया था। इसीलिए आज भी उनके अयोध्या वापस आने की ख़ुशी में हर साल यह दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है।

इस त्यौहार से जुडी हुई और भी कहानियां मिलती है ऐसा माना जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान जब समुद्र से 14 रत्न की प्राप्ति हुई थी तो इसी दिन धन की देवी मानी जाने वाली लक्ष्मी जी इस दिन प्रकट हुई थी इसीलिए दीपावली पर शाम को उनकी पूजा की जाती है। इसके अलावा ऐसा कहा जाता है की जैन घर्म के तीर्थकर महावीर स्वामी को महानिर्वाण इसी दिन प्राप्त हुआ था।

इन सब कहानियों के अलावा यह कहानी भी है कि इस दिन सिक्खों के छठे गुरु हरगोविन्द सिंह जी ने इसी दिन मुगलों के शासक औरंगजेब की कारागार से मुक्त हुए थे और इसी दिन राजा विक्रमादित्य अपने सिंहासन पर बैठे थे। लेकिन आपको बता दु कि दीपावली से जुडी हुई सबसे प्रसिद्द कहानी भगवान राम से जुडी हुई है कि इस दिन भगवान श्री राम अपने पिता के वचन का पालन करते हुए 14 वर्ष का बनवास जंगल में बिता कर अयोध्या वापस आये थे।

दीपावली त्यौहार के लाभ | Benefits of Dipawali

हर त्यौहार के कई लाभ होते है और लोगो को इनसे अच्छी बातें सीखनी चाहिए उअर इसी लिए हर साल त्यौहार मनाये जाते है। दीपावली त्यौहार के भी कई लाभ है जिनके बारे में नीचे बताया जा रहा है।

  • दीपावली के त्यौहार का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह हमे बताता है कि बुराई चाहे कैसी भी हो चाहे कितनी ही बड़ी क्यों ना हो जीत हमेशा अच्छाई की ही होती है और इसलिए हमेशा हमेशा अच्छाई से काम करना चाहिए।
  • दीपावली का त्यौहार हमे यह बताता है कि हमे अपने माता पिता की आज्ञा का पालन करना चाहिए। जिस प्रकार भगवान श्री राम अपने पिता की आज्ञा से अपना घर छोड़ कर चले गये इसी तरह हमे भी अपने माता पिता की बात को मानना चाहिए।
  • इस दिन हमे अपने बच्चो को दीपावली से जुडी हुई बाते बतानी चाहिए कि जिससे बच्चो को अच्छे संस्कार मिल सके। हमे उन्हें बताना चाहिए कि भगवान श्री राम कितने आज्ञाकारी बेटे थे जिन्होंने अपने पिता के वचन के लिए अपना सारा राज्य छोड़ कर अपनी पत्नी और अपने भाई के साथ बनवास चले गये, और उन्होंने किस तरह की कठिनाईयों का सामना किया और आखिर में रावण से उनकी लड़ाई हुई और उनकी जीत हुई।
  • दीपावली के दिन हर कोई अपने घर की सफाई करते है जिससे लोगो के घर में फालतू की चीज़े नही रहती है।
  • इस दीपावली के त्यौहार पर लोग दीपक खरीदते है जिससे कुटीर उद्धोग वाले लोगो की इनकम हो जाती है।
  • दीपावली के त्यौहार से लोगो के बीच में प्रेम और रिश्तों में मिठास आती है और लोग आपस में मिलकर इस त्यौहार को मनाते है।

निष्कर्ष

आज हमने आपको भारत के सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार दीवाली के बारे में बताया है। हमने आपको दीपावली पर निबंध | Easay On Dipawali, और दीवाली कैसे, क्यो मनाई जाती है इसके बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है।

अपनी समस्या या सुझाव यहाँ लिखें